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www.globalservices24.com : भारत, जो कभी दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहलाता था, वो इस मोदी के करण अब संसार में बदनाम हो रहा है. इस हराम की औलाद ने लोकतंत्र की धज्जीआं उड़ा दी हैं. इस हरामी ने पहले दिल्ली की सरकार को ढाने की कोशिश की, फिर अरुणाचल की सरकार को, अब कर्नाटक को धोखा देने की कोशिश की !

भारत, यहाँ गौ-माता की पूजा होती थी, आज वही भारत दुनिआ में सबसे ज्यादा गौ-बध करने वाला देश बन गया है. वह भारत, यहाँ गंगा को पवित्तर कहा जाता है, उस गंगा में इंसानों की गली सड़ी लाशें मिलती हैं.

वह भारत, यहाँ हर इंसान के साथ प्यार किया जाता था, आज वहां नफरत की सिआसत क्र रहा है यह हरामी !

यह मोदी नमकहरामी है, क्योंकि यह जिस देश का नमक खा रहा है, उसके लिए कुछ नहीं कर रहा ! कर रहा है तो सिर्फ अपनी बीजेपी के लिए. भले इंसानों के , जैसे कि केजरीवाल के, नाक में दम कर रखा है, इस हरामी ने. इस लिए इसे नमक हराम कहना गलत बात नहीं है.

 

प्यारे दोस्तो, माफ़ करना,मैंने ऐसे शब्द एक PM के लिए प्रयोग किये . मुझे पता है, की हमे पद की गरिमा रखनी चाहिए. लेकिन प्यारे दोस्तों, जब PM अपना फ़र्ज़ ही नहीं निभा रहा, तो उसके ऊपर गुस्सा आता ही है. जब PM अपना फ़र्ज़ न निभाए, तो जनता क्यों निभाए ? हमने कभी सोचा था, कि अब देश तरक्की करेगा, लेकिन इस हरामी ने तो ४ साल में सिर्फ जुमले ही मारे हैं. और चार साल बहुत होते हैं किसी देश को सुधारने के लिए. इसीलिए हर देश का प्रधान मंत्री सिर्फ चार -पांच वर्षों के लिए ही चुना जाता है. लेकिन इस मोदु से तो चार साल में गंगा भी साफ़ नहीं हुयी. फिर बाकी हज़ारों नदियें कब साफ़ होंगी इस से ? और फिर बाकी देश कब साफ़ होगा इस से ? देश कब तरक्की करेगा, जब ऐसे बेकार PM के हाथ में वागडोर आ जाये ..

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अच्छा कौन ? Achha Kaun ?

1. Kejriwal केजरीवाल

2.Modi मोदी

German-Report: :मोदी दस साल गुजरात का मुख्यमंत्री यानि गुजरात का King रहा, लेकिन कांग्रेस नाम के लुटेरों को भारत से खदेड़ने की उसकी न ही हिम्मत हुई और न ही मोदी ऐसा कर स्का था ! इसमें कोई शक नही कि मोदी ने लोकसभा चुनाव में 543 सीटों में से 282 सीटें जीत कर , कांग्रस को पुरे भारत में हरा दिया . लेकिन इस सचाई को भी नही भूलना चाहिए , कि जिस मोदी ने , पुरे भारत में , कांग्रस को हराया, उसी मोदी को केजरीवाल ने, दिल्ली में, यानि यहाँ से मोदी पुरे भारत पर राज कर रहा था , बुरी तरह हराया . कांग्रेस का तो केजरीवाल ने सूपड़ा ही साफ़ कर दिया ! और कांग्रस को भारत से खदेड़ना भारत के लिए अत्यंत जरूरी बन गया था.

क्योंकि:

1.कांग्रस की बेकार और भरष्ट सरकार के कारण हमारा वतन दिन पर दिन गरीब बनता जा रहा था ! हालाँकि भारत में सब कुछ है ! हमारा वतन, जो कभी सोने की चिड़िया कहलाता था, कांग्रस क़ी भरष्ट सरकार के कारण एक गंदगी का ढेर बनता जा रहा था. हालत दिन पर दिन इतने बदतर होते जा रहे थे, कि जो बेचारे दिन रात मेहनत करते थे, वो भूखे मरते थे और सोनिआ गांधी, हर महीने, भारत के गरीबों के खून पसीने की कमाई से अमेरिका में अपना मेक अप करवाने और इलाज़ करवाने जाती थी.

2. भारतीय, जो बेचारे दिन रात भारत के लिए मेहनत कर रहे थे, उनको कोई पूछता तक्क नहीं था, लेकिन भारत के हर स्थान का नाम या तो इंदिरा गांधी के नाम पर रखा जा रहा था, या फिर राजीव गांधी के नाम पर रखा जा रहा था. भारत के सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट का नाम भी इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली रख दिया गया है ! तकरीबन हर चौराहे / इंस्टिट्यूट का नाम राजीव गांधी रख दिया गया है. हालाँकि इन दोनों गांधियो ने भारत का सिर्फ बेडा गर्क ही किया है . इंदिरा गांधी की भरष्ट सरकार के कारण देश में हजारों हिन्दू मुस्लिम सिख और ईसाई भूखे मरते थे. इसलिए इंदिरा गांधी , राजीव गांधी , और सोनिआ गांधी को असल में फांसी कि सजा मिलनी चाहिए थी ! kyonki हजारों बेकसूर हिंदुयों , मुस्लिमों , सिखों और ईसाईयों को ( जब उन्हें कोई रोज़गार ही नही मिलता था), आतंकवादी बनने के लिए मज़बूर होना पड़ा और जान से हाथ धोना पड़ा !

3. कांग्रस भारतीयों को धरम के नाम पर एक दुसरे से लड़वा कर ,भारत का सत्यानास करके ,दिन पर दिन जीतती जा रही थी. कांग्रस सिर्फ भ्र्ष्टाचार ,गुंडागर्दी, फूट की नीति के बल पर राज कर रही थी. वोटों के समय कांग्रस कोई न कोई दंगे करवा देती थी. आम जनता को इसकी भनक तक नही लगती थी, कि इस के पीछे कांग्रस का हाथ है . इस तरह गांधी-फॅमिली ने, जिन भारतीयों के खून पसीने की कमाई खायी, उन्ही भारतीयों के साथ बेमिसाल धोखा किया! जिसे कभी माफ़ नही किया जा सकता !

4. ऑपरेशन ब्लू स्टार, जिस में हजारों बेगुनाह सिखों को मौत के घात उतार दिया गया, उसकी वजह इंदिरा गांधी की भ्रष्ट सरकार ही थी. क्योंकि ऑपरेशन ब्लू स्टार नही होना था, यदि इंदिरा गांधी की सरकार अच्छी होती और सिखों को भारत में उचित सम्मान दिआ होता. सिर्फ यही नही: जिन दो महान क्रांतिकारियों ने, अपनी जान हथेली पर रख कर , भारत को इंदिरा गांधी के चुंगल से बचाया, उन बेचारों को फांसी का हुक्म सुनाया गया ( हम सतवंत सिंह और बेअंत सिंह क़ी बात कर रहे हैं ). और इन महान शहीदों की फैमिली आज तक जोखिम झेल रही है. लेकिन इंदिरा गांधी की निकम्मी संतान, जिसको इन सभी कारनामो के कारण फांसी होनी चाहिए थी , भारत पर फिर से राज कर रही थी : पहले राजीव गांधी , फिर उसके बाद सोनिआ गांधी ने, मनमोहन सिंह के नाम पर, भारत पर 8 साल राज किया. और भारत के सिखों को, मनमोहन सिंह के नाम पर गुमराह करके, भारत को खूब लूटा. अब सोनिआ गांधी, राहुल गांधी , जिन्होंने भारत में कुछ नही किया, संसार के सबसे आमिर बन चुके हैं, और आप-हम जैसे मेहनती लोग दिन पर दिन गरीब बनते जा रहे हैं.

5. कांग्रस की बेकार सरकार के कारण देश का हाल इतना खराब हो चुका था, कि किसी भी इंटेलीजेंट आदमी को बिना भ्र्ष्टाचारी के पैर चूमे , भारत में कोई अच्छी नौकरी ही नही मिलती थी. जिस कारण हजारों मेहनती और इंटेलीजेंट भारतीय विदेशों में सेटल होने के लिए चले गए. और अपनी समस्त भारतीय संपत्ति को भी विदेश में ले गए . उससे भारत को और भी ज्यादा नुख्सान हुआ. यानि कांग्रस के कारण करोड़ों भारतियों को अपना वतन, जो हर इंसान को अत्यंत प्यारा होता है, छोड़ना पड़ा.

6. कांग्रेस कितनी धोखेवाज है, इसकी ताज़ी मिसाल किसी को भूलनी नही चाहिए: पहले तो दिसंबर 2013 में कांग्रस ने केजरीवाल को, बिना मांगे, समर्थन दिया!! जबरदस्ती !! हालाँकि केजरीवाल कई वार समर्थन ठुकरा चुके थे ! यानि कांग्रस ने दिल्ली में , केजरीवाल के साथ मिलकर सरकार बना ली . फिर जब फरबरी 2014 में कोई आया मुद्दा आया - जैसे की जन लोकपाल बिल पास करवाने का - कांग्रस ने मौका देख कर केजरीवाल का साथ छोड़ दिया और जानबूझ कर केजरीवाल की सरकार को गिरा दिया. इस से एक बात साबित हो जाती है : भारतीयो, आपको एक कुत्ते पर विश्वाश कर लेना चाहिए, लेकिन कांग्रस पर नही !!

लेकिन.... कुदरत का करिश्मा देखो :

i ). कहते हैं, की सत्यमेव जयते : सत्य की हमेशा जीत होती है : कांग्रेस से धोखा खाने के बाद केजरीवाल को दुबारा चुनावो में फरबरी 2015 में 70 में से 67 सीटें मिली. ऐसी जीत भारत में ही नही , पुरे पूरे संसार में नही देखने को मिलती. किसी भी नई पार्टी को इतने कम समय में इतनी सीटें - संसार में - कभी नही मिली.

यानि केजरीवाल ने एक ही झटके में ,2014 में, 'जन्म' से सिर्फ एक साल बाद ही, कांग्रेस की शीला दीक्षित को , जो 15 साल से दिल्ली में राज कर रही थी , जड़ से उखाड़ फेंका ! सिर्फ एक बार नही, दो वार !

ii). बात यहीं खत्म नही होती : दूसरी वार तो केजरीवाल ने कांग्रस का असितत्त्व ही खत्म कर दिया दिल्ली से ! कांग्रस को 2015 में दिल्ली में 70 में से एक भी सीट नही मिली . तबाह हो गयी कांग्रस दिल्ली में ! यानि जो मोदी अपने घर में ( यानि गुजरात में , यहाँ वो 10 साल CM या King था ) रह के भी न कर स्का, वह काम केजरीवाल ने दिल्ली में एक ही साल में कर दिखाया, हालाँकि केजरीवाल दिल्ली का मुख्यमंत्री या किंग भी नही था !

iii). दिलचस्प बात यह भी है , क़ी केजरीवाल ने सिर्फ कांग्रेस को ही नही , बीजेपी को भी जबरदस्त तरीके से हराया . BJP को 70 सीटों में से सिर्फ 3 सीटें ही मिली . हालाँकि BJP बहुत बड़ी और पुरानी पार्टी है . अम्बानी, अडानी जैसे सबसे अमीर लोग और आरएसएस जो दुनिआ का सबसे बड़ा संगठन है, मोदी के पीछे खड़ा था. फिरभी मोदी हार गया ! यह सिर्फ मोदी की जबरदस्त हार नही, यह केजरीवाल की एक बेमिसाल उप्लब्दी है!

हमने यह कभी सपने में भी नही सोचा था कि भारत को कोई इतनी जल्दी कांग्रेस नाम के भेड़ियों के चुंगल से छुड़ा सकेगा ! यह सोनिआ-गांधी-फॅमिली , महात्मा गांधी के नाम का दुरूपयोग करके, भारत को घुन की तरह अंदर से खा रही थी. अब इसी कांग्रेस का , जिसने हमारे देश का सत्यानास किया , का सत्यानास तय है ! कांग्रेस का सत्यानास का सेहरा सिर्फ केजरीवाल को ही जाता है , मोदी को नही ! फिर मोदी केजरीवाल से महान कैसे हुआ?

iv). सिर्फ यही नही, जो कुछ केजरीवाल ने एक-दो साल में कर दिखाया है, वह मोदी तो क्या, भगवन भी नही कर सकता था ! इस शख्श ने भारतीय वोटरों की सोच ही बदल डाली है ! आज तक भारतीय लोग, सिर्फ धड़ल्लेदारों को, बदमाशों को, गांधीओं को या गुंडों को ही वोट देते थे . डर के मारे ! भारतीयों के पास कोई और विकल्प भी नही था l लेकिन आज, कम से कम दिल्ली में, लोग उसी को वोट देते हैं, जो ईमान दार हो और जो दिल्ली के लिए कुछ करना चाहता हो ! यह एक बहुत बड़ा बदलाव है!

v). इसे सिर्फ बदलाव कहना ही काफी नही है. इसे भारतीय इतिहास की एक महान क्रांति के रूप में देखा जाना चाहिए ! और यह महान और शांतिपूर्ण क्रांति सिर्फ केजरवाल और 'आप' के ज़रिये आई है , मोदी के जरिये नही ! अब जो गंद कांग्रेस ने हमारे भारत में 60 साल में डाला हुआ था, उसे उठाने के लिए कुछ वक्त तो जरूर लगेगा, लेकिन अब भारत की अब सफाई / उनत्ती जरूर होगी ! क्योंकि इस महांपुरष केजरीवाल ने हमारी सोयी हुयी जनता को जगा दिया है ! इस महान पुरष ने हमारे हताश हुए भारतियों को एक विकल्प दिया है ! हम विदेश में बैठे-बैठे , आज से २ साल पहले सोचते थे, कि क्या होगा हमारे भारत का? हमें दुःख होता था हमारे वतन के वारे में सोच कर ! लेकिन अब हमें ख़ुशी होती है , भारत के वारे सोच कर l क्योंकि हमे पता है, कि अब हमारा देश भी आगे बढ़ेगा , क्योंकि केजरीवाल ने हमारे समस्त भारतियों को ही नही, हिंदुस्तान की पॉलिटिक्स की भी सोच बदल डाली है ! अब वोटर अच्छे नेताओं के प्रति जागरूक हो गए हैं, वो केजरीवाल के कारण ही हुए, बीजेपी के कारन नही ! हालाँकि बीजेपी ने बहुत लम्बे समे से भारत में कई राज्यों में सत्ता संभाली हुयी है.

vi) इस में कोई शक्क नही कि केजरीवाल ने पॉलिटिक्स के कारण , या अपनी पार्टी को बचाने के लिए, कई वार झूठ बोला है. लेकिन अपने आप से पूछो कि कौन झूठ नही बोलता ? झूठ हर एक इंसान और हर एक पार्टी का का एक 'अभिन अंग ' है . हर पॉलिटिकल पार्टी झूठ बोलती है. और बोलना भी पड़ना है. झूठ बोलना कई बार, हर एक आदम्मी और हर एक एक पॉलिटिक्स पार्टी की जरूरी- मजबूरी होती है ! यदि कोई पोलिटिकल पार्टी ऐसा न करे, तो वह अपने को ही खत्म कर लेगी ! और यदि AAP खत्म हो गयी तो यह भारत के लिए सबसे बड़ा नुक्सान होगा ! भारत में फिर से कांग्रेस्सियों , करप्टों, गांधियों और गुंडों का राज हो जायेगा ! यह भारत के लिए सबसे हानिकारक होगा, केजरीवाल का पॉलिटिकल-झूठ नही !!

6. यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह है, कि इन दोंनो नेताओं ( Kejriwal aur Modi ) में से असल में भारत का भला या दिल्ली का भला कौन चाहता है ?:

इस के ऊपर विचार के लिए दिल्ली की उदाहरण लेनी जरूरी है: कोई भी इंसान या कोई भी राज्य तभी तरक्की कर सकता है, यदि वह स्वतंत्र हो ! यानि यदि आप किसी इंसान के हाथ बाँध दें , तो वह तरक्की तो क्या , अपने मुह में रोटी भी नही डाल सकेगा . दिल्ली के मुख्यमंत्री के हाथ भी मोदी सरकार ने बाँध दिए हैं ! दिल्ली पुलिस द्वारा ! दिल्ली की पुलिस, जो असल में दिल्ली वालो की लिए होनी चाहिए थी, वो तो दिल्ली के मुख्यमंत्री की ही मानती. तो दिल्ली में कानून की क्या चलेगी ? और जब किसी देश की कानूनव्यवस्था ही गलत हो, तो वहां तरक्की कैसे होगी ? यानि यदि दिल्ली स्वतंत्र राज्य, या पूर्ण राज्य बन जाये , तो दिल्ली आत्म निर्भर भी और तरक्की भी कर सकती है ! यानि दिल्ली के विकास के लिए , दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना जरूरी है. जिस से दिल्ली स्वतंत्र हो जायेगा. इस से केजरीवाल , दिल्ली के लोगों का पेट ही नही भर सकता, बल्कि दिल्ली का विकास भी बिना रोक टॉक कर सकता है ! क्योंकि अब केंद्र में ( पुरे भारत में ) और दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकारें हैं ! यानि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का यह सबसे अच्छा मौका है ! लेकिन मोदी की केंद्र सरकार, केजरीवाल सरकार के हर रस्ते में कांटे डाल रही है. जो सही नही है ! इससे दिल्ली में तरक्की में रुकावट डाली जा रही है . जिससे दिल्ली का ही नही पुरे भारत का नुख्सान हो रहा है . क्योंकि दिल्ली पुरे भारत कि राजधानी है . क्या यह सब मोदी के जानने के वगैर हो रहा. है ? नही !!

इसका मतलब यह हुआ, कि मोदी को असल में दिल्ली या देश की परवाह नही, वह सिर्फ अपनी पार्टी BJP की ही सेवा कर रहा है , दिल्ली या भारत की नही !

अब मान लेते हैं, कि अपनी पार्टी को बचाना हर एक नेता का धर्म होता है. लेकिन क्या एक PM को, जो पुरे देश का मुखीआ होता है. उससे पहले देश को बचाना उस से भी जरूरी नही होता है?

लगता है, मोदी यह बात भूल गया है , या उसको देश कि या दिल्ली कि परवाह नही है ! इस से स्पष्ट है, की मोदी अच्छा इंसान तो जरूर होगा, लेकिन देश की भलाई करना उसके लिए दुसरे नंबर पर आता है.

एक इंसान , जो हमारे देश का प्रधान मंत्री बना बैठा है , उसे तो निष्पक्ष् हो कर समस्त भारत के सभी मुख्यमंत्रियों से मिल कर काम करना चाहिए था. उनके काम में रोड़ा अटकना एक PM को शोभा नही देता. मोदी को केजरीवाल या दिल्ली कि तरक्की में रूकावट नही डालना चाहिए था . क्योंकि नही तो कांग्रस और बीजेपी की भरष्ट राजनीती में कोई अंतर नही रह जाता है

सिर्फ यही नही , मोदी सरकार विदेश नीति के नाम पर भी भारतियों को गुमराह कर रही है : मोदी सरकार , तकरीबन हर रोज़ कहती है , कि वो हाफिज सईद और दावूद को , पाकिस्तान से लाएगी . मोदी के 5 साल पुरे होने वाले हैं .यानि सरकारी - कार्यकाल का तकरीबन समय वीत चुका है .कितने काले धनं को मोदी वापिस लाया? किस हाफिज सईद या किस दाऊद को लाया मोदी ? क्या उनको , जिन्होंने सेंक्डों निर्दोष लोगों की मुंबई होटल में हत्या की थी, उनको सजा दिलवा स्का मोदी ? यानि मोदी भी, कांग्रस की तरह, अपने ही देशवासियों, यानि भारतियों, को उल्लू बना कर विश्वाश्घात कर रहा है ! फिर मोदी की बीजेपी सरकार और सोनिआ की कांग्रेस सरकार में फर्क ही नही रहा !

अब आप ही बताएं कि फिर मोदी अच्छा कैसे हुआ ? http://achha-kaun.globalservices24.com/#home

 

 

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